आंध्र प्रदेश

आन्ध्र प्रदेश, भारत के राज्यों में एक समुद्र तटीय राज्य है, जिसका प्रथम निर्माण १ ओक्टोबर १९५३ में हुआ था मद्राश राज्य पुनर्गठन द्वारा, फिर १ नवम्बर १९५६ को कुछ बदलाब आया, आंध्र प्रदेश का वर्तमान स्वरुप २ जून २०१४ से अस्तितिव में आया है जिसमे आंध्र प्रदेश से एक नए राज्य का निर्माण हुआ है, आंध्र प्रदेश के अक्षांस और देशांतर १६ डिग्री ५० मिनट उत्तर से ८० डिग्री ६४ मिनट पूर्व तक है, आंध्र प्रदेश के मुख्य मंत्री चंद्र बाबु नायडू है जो की तेलगु देशम पार्टी से है आंध्र प्रदेश में लोकसभा की सीटें 25 है, आंध्र प्रदेश में १३ जिले है यहाँ की जन संख्या में हिन्दुओ की आंकड़ो के अनुसार प्रतिशत ९१.२५ है और उसके बाद मुसलमानो का।

आंध्र प्रदेश के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य

राज्य आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh)
राज्यपाल इ. एस. एल. नरसिम्हन
मुख्यमंत्री वाई.एस. जगनमोहन रेड्डी (वाईएसआर कांग्रेस पार्टी)
उप मुख्यमंत्री NA
आधिकारिक वेबसाइट http://www.ap.gov.in/
स्थापना का दिन 1 नवंबर, १९५६, वर्तमान स्वरूप 2 जून, 2014
क्षेत्रफल 160,205 वर्ग किमी
घनत्व 308 प्रति वर्ग किमी
जनसंख्या (2011) 49,386,799
पुरुषों की जनसंख्या (2011) 24,738,068
महिलाओं की जनसंख्या (2011) 24,648,731
शहरी जनसंख्या % में (2011) 50.67%
जिले 13
राजधानी हैदराबाद
उच्च न्यायलय हैदराबाद उच्च न्यायालय
जनसँख्या में स्थान [भारत में ] 10th
क्षेत्रफल में स्थान [भारत में ] 8th
धर्म हिन्दू, मुस्लिम, क्रिश्चियन, अन्य धर्म
नदियाँ गोदावरी, कृष्णा, वैनगंगा, तुंगभद्रा, पेन्नेर, स्वर्णमुखी आदि
वन एवं राष्ट्रीय उद्यान कृष्णा वन्यजीव अभयारण्य, नागार्जुन सागर-श्रीशैलम टाइगर रिजर्व, Kambalakonda वन्यजीव अभयारण्य, श्री वेंकटेश्वर प्राणी उद्यान, इंदिरा गांधी प्राणी उद्यान आदि अटपका पक्षी अभयारण्य, Nelapattu पक्षी अभयारण्य और पुलिकट झील पक्षी अभयारण्य
भाषाएँ अंग्रेजी, हिंदी, तेलुगू, उर्दू, तमिल, कन्नड़ एंड ओडिया
पड़ोसी राज्य ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, कर्नाटक, पुडुचेरी और तमिलनाडु
राजकीय पशु काला हिरन
राजकीय पक्षी भारतीय रोलर
राजकीय वृक्ष नीम
राजकीय फूल वाटर लिली
नृत्य कुचिपुड़ी
खेल कबड्डी
नेट राज्य घरेलू उत्पाद (2013-2014) 520,000 करोड़ रुपया
साक्षरता दर (2011) 67.46%
1000 पुरुषों पर महिलायें 997
सदन व्यवस्था द्विसदनीय
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 175
विधान परिषद् सीटे 58
संसदीय निर्वाचन क्षेत्र 25
राज्य सभा सीटे 11

 

आंध्र प्रदेश का नक्शा

गूगल मैप की सहायता से बना हुआ Andhra Pradesh ka Naksha

 

आंध्र प्रदेश विधान सभा चुनाव 2019

आंध्र प्रदेश में लोक सभा के साथ साथ विधान सभा के भी चुनाव थे, जिसमे निवर्तमान मुख्यमंत्री श्री चंद्र बाबू नायडू की बुरी हार हुयी, चंद्रबाबू नायडू ने अपना इस्तीफा दे दिया है। २०१९ आँध्रप्रदेश विधान सभा के परिणाम नीचे सरणी में पार्टी के अनुसार दिए है।

Andhra Pradesh Vidhan Sabha Election Result 2019

S. No Political Party Seats Won Leading Total
1 Janasena Party 1 0 1
2 Telugu Desam 23 0 23
3 Yuvajana Sramika Rythu Congress Party 151 0 151
  Total 175 0 175

आंध्र प्रदेश विधान सभा चुनाव परिणाम २०१९

आंध्र प्रदेश से राज्यसभा सदस्यों की लिस्ट

क्रम संख्या नाम पार्टी नियुक्ति तिथि कार्यकाल पूर्ण होने की तिथि
1 लालकृष्ण केशव राव तेलंगाना राष्ट्र समिति 10-Apr-14 9-Apr-20
2 कनकमेदाला रविंद्र कुमार तेलुगु देसम पार्टी 3-Apr-18 2-Apr-24
3 मोहम्मद। अली खान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 10-Apr-14 9-Apr-20
4 सी एम रमेश तेलुगु देसम पार्टी 3-Apr-18 2-Apr-24
5 सुरेश प्रभु भारतीय जनता पार्टी 22-Jun-16 21-Jun-22
6 डॉ टी सुब्बारामी रेड्डी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 10-Apr-14 9-Apr-20
7 वेमेरेड्डी प्रभाकर रेड्डी तेलुगू देशम पार्टी 3-Apr-18 2-Apr-24
8 टी जी वेंकटेश तेलुगू देशम पार्टी 22-Jun-16 21-Jun-22
9 Thota Seetharama लक्ष्मी तेलुगू देशम पार्टी 10-Apr-14 9-Apr-20
10 वाई एस चौधरी तेलुगू देशम पार्टी 22-Jun-16 21-Jun-22
11 वी रेड्डी Vijaysai वाईएसआर कांग्रेस पार्टी 22-Jun-16 21-Jun-22

 

आंध्र प्रदेश से लोकसभा सदस्यों की सूची

क्रम संख्या लोकसभा क्षेत्र नाम पार्टी
1 अरकू कोथापल्ली गीता वाईएसआर कांग्रेस पार्टी
2 श्रीकाकुलम राममोहन नायडू किंजारापु तेलुगू देशम पार्टी
3 विजयनगरम पी अशोक गजपति राजू तेलुगू देशम पार्टी
4 विशाखापत्तनम Kambhapati हरि बाबू भारतीय जनता पार्टी
5 अनकापल्ली Muttamsetti श्रीनिवास राव तेलुगू देशम पार्टी
6 काकीनाडा Thota नरसिम्हन तेलुगू देशम पार्टी
7 अमलापुरम Pandula रविंद्र बाबू तेलुगू देशम पार्टी
8 राजमुंदरी मुरली मोहन Maganti तेलुगू देशम पार्टी
9 नरसापुरम Gokaraju गंगा राजू भारतीय जनता पार्टी
10 एलुरु Maganti वेंकटेश्वर राव तेलुगू देशम पार्टी
11 मछलीपट्टनम Konakalla नारायण राव तेलुगू देशम पार्टी
12 विजयवाड़ा Kesineni श्रीनिवास (नानी) तेलुगू देशम पार्टी
13 गुंटूर जयदेव गल्ला तेलुगू देशम पार्टी
14 नरसरावपेट रायपति संबाशिव राव तेलुगू देशम पार्टी
15 बापतला Malyadri श्रीराम तेलुगू देशम पार्टी
16 ओंगोल वाई वी सुब्बा रेड्डी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी
17 नांदयाल एस पी वाई रेड्डी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी
18 कुरनूल Butta रेणुका वाईएसआर कांग्रेस पार्टी
19 अनंतपुर जे सी दिवाकर रेड्डी तेलुगू देशम पार्टी
20 हिन्दुपुर Kristappa Nimmala तेलुगू देशम पार्टी
21 कडप्पा वाई एस अविनाश रेड्डी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी
22 नेल्लोर मेकापाती राजमोहन रेड्डी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी
23 तिरुपति Varaprasad राव Velagapalli वाईएसआर कांग्रेस पार्टी
24 राजमपेट पी वी रेड्डी Midhun वाईएसआर कांग्रेस पार्टी
25 चित्तूर Naramalli शिवप्रसाद तेलुगू देशम पार्टी

आन्ध्र प्रदेश का  इतिहास

आंध्र राज्य से आंध्र प्रदेश का गठन 1 नवम्बर 1956 को किया गया। फरवरी 2014 को भारतीय संसद ने अलग तेलंगाना राज्य को मंजूरी दे दी। तेलंगाना राज्य में दस जिले तथा शेष आन्ध्र प्रदेश (सीमांन्ध्र) में 13 जिले होंगे। दस साल तक हैदराबाद दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी होगी।

चंद्रगुप्त मौर्य (ई.पू. 322-297) के न्यायालय का दौरा करने वाले मेगस्थनीस ने उल्लेख किया है कि आंध्र देश में 3 गढ़ वाले नगर और 100,000 पैदल सेना, 200 घुड़सवार फ़ौज और 1000 हाथियों की सेना थी। बौद्ध पुस्तकों से प्रकट होता है कि उस समय आंध्रवासियों ने गोदावरी क्षेत्र में अपने राज्यों की स्थापना की थी। अपने 13वें शिलालेख में अशोक ने हवाला दिया है कि आंध्रवासी उसके अधीनस्थ थे

औपनिवेशिक भारत में, उत्तरी सरकार ब्रिटिश मद्रास प्रेसिडेंसी का हिस्सा बन गए। अंततः यह क्षेत्र तटीय आंध्र प्रदेश के रूप में उभरा. बाद में निज़ाम ने ब्रिटिश को पांच क्षेत्र सौंपे, जो अंततः रायलसीमा क्षेत्र के रूप में उभरा. निज़ाम ने स्थानीय स्वायत्तता के बदले में ब्रिटिश शासन को स्वीकार करते हुए विशाल राज्य हैदराबाद के रूप में आंतरिक प्रांतों पर नियंत्रण बनाए रखा. इस बीच फ़्रांसीसियों ने गोदावरी डेल्टा में यानम (यानौं) पर क़ब्जा किया और (ब्रिटिश नियंत्रण की अवधि को छोड़ कर) 1954 तक उसे अपने अधीन रखा.

1947 में ब्रिटिश साम्राज्य से भारत स्वतंत्र हुआ. हैदराबाद के मुसलमान निज़ाम ने भारत से अपनी स्वतंत्रता को बनाए रखना चाहा, मद्रास राज्य के तेलुगू लोगों के हितों की रक्षा के लिए, अमरजीवी पोट्टी श्रीरामुलु ने आमरण उपवास किया। उनकी मौत के बाद सार्वजनिक दुहाई और नागरिक अशांति ने सरकार को मजबूर किया कि तेलुगू भाषी लोगों के लिए एक नए राज्य के गठन की घोषणा करें.1 अक्टूबर 1953 को आंध्र ने कर्नूल को अपनी राजधानी के साथ राज्य का दर्जा पाया।

1 नवम्बर 1956 को आंध्र प्रदेश राज्य के निर्माण के लिए आंध्र राज्य का विलय हैदराबाद राज्य के तेलंगाना प्रांत से किया गया। हैदराबाद राज्य की विगत राजधानी हैदराबाद को नए राज्य आंध्र प्रदेश की राजधानी बनाया गया, आंध्र प्रदेश का देश की राजनीती में विशेष स्थान आंध्र प्रदेश की लोक सभा की सीटों के कारण है।

आंध्र प्रदेश का पहनावा

आंध्र प्रदेश का पहनावा या यू कहे की आंध्र प्रदेश के निवासियों का पहनावा, यहाँ का पहनावा अपने आप में एक खास पहचान बनाये हुए है, ज्यादतर लोगो ने इस खास पहनावे को साउथ की फिल्मो में भी देखा होगा, इस खास पहनावे में शर्ट होती है और गोटेदार लुंगी या धोती होती है, विशेष अवसरों पर इस लुंगी या धोती को पूरा पहना जाता है और कंधे पर एक अन्य छोटी धोती को तह बना कर रखा जाता है, माथे पर चंदन या रोली का तिलक लगाया जाता है, यहाँ के विशेष पहनावे में पुरुष यही पहनते है और महिलाये हलकी गोटेदार साड़ी माथे पर हल्दी कुमकुम और मांग बेनी लगाती है, कमर में एक कमर बंध भी महिलाओ के पहनावे का हिस्सा है, इस विशेष पहनावे को हम सभी ने साउथ की फिल्मो में देखा होगा, ज्यादातर ये पेहवा शादी या अन्य विशेष उत्सवों में देखने को मिलता है।

आंध्र प्रदेश की नई राजधानी

अभी आंध्र प्रदेश की नई राजधानी का प्रस्ताव पारित हुआ है, और इसका शिलान्यास माननीय प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने किया है, नयी राजधानी अमरावती है, लेकि जबतक आंध्र प्रदेश की नयी राजधानी अमरावती में सचिवालय और अन्य सरकारी कार्यालयों का निर्माण नहीं हो जाता तब तक हैदराबाद ही आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की संयुक्त राजधानी बी रहेगी, वैसे तो हैदराबाद के आंध्र प्रदेश के राजधानी बने रहने का प्रस्ताव अगले १० साल तक का है, परंतु जैसे ही कुछ मुख्य मुख्य सरकारी कार्यालय बन कर तैयार होते जायेगे वैसे वैसे ही उन कार्यालयों को हैदराबाद से आंध्र प्रदेश की नयी राजधानी में स्थान्तरित कर दिया जायेगा।

आंध्र प्रदेश का भोजन

अधर प्रदेश एक समुद्र तटीय राज्य है, तो यहाँ के भोजन में समुदी जीवो का समावेश सामान्य बात है, किन्तु आंध्र प्रदेश का शाकाहारी भोजन भी अपने आप में एक अनूठा भोजन है, इसमें कई प्रकार के व्यंजन होते है, कई मिठाईया, चटनी और पकवान होते है, मूल रूप से यहाँ के भोजन में चावल होता है, सांभर होता है, खीर दही, नारियल की बर्फी, बेसन का लड्डू, खोये की मिठाई, नारियल, मिर्च और अन्य चटनिया जो की स्वाद को और बढाती है, मांस हरी भोजन में चावल के स्थान पर मछली या अन्य जीव जानती का मांस होता है, बाकी सब वैसा ही होता है जैसा शाकाहारी भोजन में होता है, ये सब भोजन केले के पत्ते पर दिया जाता है, और भोजन के उपरांत केले खाने का प्रचलन है।

आंध्र प्रदेश की भाषा

आंध्र प्रदेश की भाषा का अपने आप में एक विशिस्ट साथ है, यहाँ के निर्वाही अपनी मूल भाषा में बात करने में गर्व का अनुभव करते है, आधिकारिक तौर पर यहाँ की भाषा तेलुगु है, और यहाँ पर तेलुगु भाषी लोगो का ही वर्चस्व है, ज्यादातर लोग अपने दैनिक जीवन में तेलुगु भाषा का ही पयोग करते है, परंतु यह पर पर्यटको ने आवगमन के कारन यहाँ के लोगो को हिंदी, मराठी, तमिल, अंग्रेजी, कन्नड़, ओड़िया और अन्य भाषाओ का प्रचलन शुरू हो गया, पर अगर आधिकारिक तौर पर प्रयोग की जाने वाली आंध्र प्रदेश की भाषा की बात हो तो वो सिर्फ तेलुगु ही है,

आन्ध्र प्रदेश दर्शनीय स्थल

आंध्र प्रदेश के दर्शनीय स्थलों में या पर्यटन स्थलों में सबसे पहले नाम आता है यहाँ के समुद्र तट का जो की बंगाल की खाड़ी में है, यह श्रीकाकुलम से नेल्लोर जिले तक है, यहाँ पर आ प्राकृतिक समुद्र तट है जिसका आप भरपूर आनंद ले सकते है।
आंध्र प्रदेश में बहुत सी ऐसी गुफाये है जो अपनेको प्रकृति के उस रूप से मिला देंगी जिसे अपने कभी नहीं देखा है, यहाँ की बोर्रा गुफा जो की आंध्र प्रदेश के पूर्वी घाट के विशाखापट्नम जिले के अनाथागिरी पर्वत श्रृंखला में है ये करोडो वर्ष पुराणी गुफाये है, इसके बाद कुरनूल जिले में बेलम की गुफाये है, इनका भी आंध्र प्रदेश के पर्यटन स्थलो में अपना एक अलग महत्त्व है। है

आंध्र प्रदेश के पर्यटन स्थलों में पक्षी विहार और अभ्यारण्य है जो की आपको प्राकृत है, इनमे से कृष्णा वन्यजीव अभयारण्य, नागार्जुन सागर-श्रीशैलम टाइगर रिजर्व, कंबलाकोंडा वन्यजीव अभयारण्य, श्री वेंकटेश्वर प्राणी उद्यान, इंदिरा गांधी प्राणी उद्यान आदि अटपका पक्षी अभयारण्य, नेलापट्टू पक्षी अभयारण्य और पुलिकट झील पक्षी अभयारण्य है। है
और अगर हम धार्मिक दर्शनीय स्थलों की बात करे तो आंध्र प्रदेश में बहुत से धार्मिक पर्यत स्थल भी है जिनमे से प्रमुख है चितूर जिले में तिरुमाला मंदिर, विशाखापत्तनम जिले में सिंहाचलम मंदिर, पूर्वी गोदावरी जिले के अन्नवरम मंदिर, पश्चिमी गोदावरी जिले के द्वारका तिरुमाला, कुरनूल जिले, विजयवाड़ा के कनक दुर्गा मंदिर, नरसरावपेट में कोटाप्पाकोंदा, अमरावती, श्रीकालहस्ती मंदिर में श्रीशैलम मंदिर, इस प्रकार हम ये कह सकते है की आंध्र प्रदेश में पर्यटको के लिए असीमित दर्शनीय स्थल है।

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