भीलवाड़ा़ राजस्थान

भीलवाड़ा जिला, राजस्थान राज्य के ३३ जिलों में से एक है, इस जिले का मुख्यालय भीलवाड़ा नगर है, भीलवाड़ा जिले में ७ उपमंडल है, ६ विधान सभा सीट है, १२ तहसीलें है और १७८३ गांव है २००१ की जनगणना के अनुसार।

भीलवाड़ा जिले का क्षेत्रफल १०४५५ वर्ग किलोमीटर है, २०११ की जनगणना के अनुसार भीलवाड़ा की जनसख्या २४१०४५९ और जनसँख्या घनत्व २३० व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, भीलवाड़ा की साक्षरता ६३% , महिला पुरुष अनुपात ९६९ महिलाये प्रति १००० पुरुष पर है, २००१ से २०११ के बीच जनसँख्या विकास दर २०% रही है।

भीलवाड़ा भारत में कहाँ पर है

भीलवाड़ा भारत के राज्य राजस्थान ने दक्षिणी भाग में है, भीलवाड़ा के अक्षांस और देशांतर क्रमशः २५ एग्री ३५ मिनट उत्तर से ७४ डिग्री ६३ मिनट पूर्व तक है, भीलवाड़ा की समुद्रतल से ऊंचाई ४२१ मीटर है, भीलवाड़ा राजस्थान की राजधानी जयपुर से २५३ किलोमीटर दक्षिण की तरफ है और दिल्ली से ५२३ किलोमीटर दक्षिण की तरफ ही है।

भीलवाड़ा के पडोसी जिले

भीलवाड़ा के उत्तर में अजमेर जिला है, उत्तर पूर्व में टोंक जिला है, पूर्व में बूंदी जिला है, दक्षिण पूर्व में चित्तौड़गढ़ और नीमच जिले है, दक्षिण में भी चित्तौरगढ़ जिला है जबकि पश्चिम में सिर्फ राजसमंद जिला है

Information about Bhilwara in Hindi

नाम भीलवाड़ा
राज्य राजस्थान
क्षेत्र 10,455 किमी²,
भीलवाड़ा की जनसंख्या 370,009
अक्षांश और देशांतर 25.3214 डिग्री न, 74.5870 डिग्री ई
भीलवाड़ा का एसटीडी कोड 1482
भीलवाड़ा की पिन कोड 311001
जिला मजिस्ट्रेट (डीएम कलेक्टर) डॉ। टीना कुमार
पुलिस अधीक्षक (एसपी / एसएसपी) सरीता सिंह
मुख्य विकास अधिकारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी
संसद के सदस्य सुभाष चंद्र बहेरिया
विधायक विठ्ठल शंकर अवस्थी
उपखंडों की संख्या
तहसील की संख्या 12
गांवों की संख्या 1663
रेलवे स्टेशन भीलवाड़ा रेलवे स्टेशन
बस स्टेशन बाग़ेरा बस स्टॉप
भीलवाड़ा में एयर पोर्ट महाराणा प्रताप हवाई अड्डे
भीलवाड़ा में होटल की संख्या 100
डिग्री कॉलेजों की संख्या 2
अंतर कॉलेजों की संख्या 48
मेडिकल कॉलेजों की संख्या 2
इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या 10
भीलवाड़ा में कंप्यूटर केंद्र 10
भीलवाड़ा में मॉल 3
भीलवाड़ा में अस्पताल 10
भीलवाड़ा में विवाह हॉल 27
नदी (ओं) भीलवाड़ा नदियों
उच्च मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग 79
ऊंचाई 421 मीटर (1,381 फीट)
घनत्व 230 व्यक्ति / वर्ग किलोमीटर
आधिकारिक वेबसाइट Http://www.bhilwara.rajasthan.gov.in/content/raj/bhilwara/en/home.html#
साक्षरता दर 62.71%
बैंक एक्सिस बैंक, सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक, आईडीबीआई बैंक, इंडियन बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, इंडसइंड बैंक, विजया बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर, पंजाब नेशनल बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडसइंड बैंक
प्रसिद्ध नेता (ओं) अनुप सिंह
राजनीतिक दलों बीजेएस, सीपीआई, कांग्रेस, सपा, भाजपा
आरटीओ कोड आरजे 06
आधार कार्ड केंद्र 3
स्थानीय परिवहन कार, ट्रेन, बस और टैक्सी
मीडिया समाचार पत्र, ग्रामीण / शहरी होने के रेडियो, ट्रांजिस्टर, मीडिया, टेलीविजन
विकास 35%
यात्रा स्थलों हरनी महादेव, कारा के बालाजी, मेजा बांध, उड़ेश्वर मंदिर, गणेश मंदिर, बदनोर का किला, पुर उदना चत्री, जटाुन का मंदिर मंदिर

 

भीलवाड़ा़ का नक्शा मानचित्र मैप


गूगल मैप द्वारा निर्मित भीलवाड़ा़ का मानचित्र, इस नक़्शे में भीलवाड़ा़ के महत्वपूर्ण स्थानों को दिखाया गया है

भीलवाड़ा़ जिले में कितनी तहसील है

भीलवाड़ा जिले में १२ तहसीलें है, इन १२ तहसीलों के नाम इस प्रकार से है 1. आसींद 2. भनेर 3. बिजोलिया 4. भीलवाड़ा 5. हरदा 6. जहाजपुर 7. कोटरी 8. मंडल 9. मंडलगढ़ 10. रायपुर 11. सहारा और 12. शाहपुरा, इन १२ तहसीलों में हरदा तहसील सबसे छोटी और जहाजपुर तहसील सबसे बड़ी तहसील है।

भीलवाड़ा़ जिले में विधान सभा की सीटें

भीलवाड़ा जिले में ६ विधानसभा क्षेत्र है, इन छह विधान सभा सीटों के नाम 1. मंडल, 2. सहारा, 3. भीलवाड़ा, 4. शाहपुरा (SC), 5. जहाजपुर, 6. मंडलगढ़, इन छह विधानसभा सीट में १ विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाती के लिए आरक्छित है।

भीलवाड़ा़ जिले में कितने गांव है

भीलवाड़ा जिले में 1783 गांव है जो की जिले की १२ तहसीलों के अंतर्गत आते है, इन ग्रामो की संख्या तहसीलों के नाम के साथ इस प्रकार से है 1. आसींद में १९६ गांव है 2. भनेर तहसील में ९२ गांव है, 3. बिजोलिया में १२१ गांव है, 4. भीलवाड़ा तहसील में १४३ गांव है, 5. हरदा में ८१ गांव है 6. जहाजपुर तहसील में २२५ गांव है, 7. कोटरी में १७१ गांव है 8. मंडल तहसील में २१० गांव है, 9. मंडलगढ़ में १८३ गांव है, 10. रायपुर तहसील में ९१ गांव है, 11. सहारा में १०५ गांव है और 12. शाहपुरा तहसील में १५३ गांव है।

भीलवाड़ा का इतिहास

भीलवाड़ा के इतिहास में सबसे पहले आता है भीलवाड़ा का नाम भीवर कैसे पड़ा, कई ऐतिहासिल श्रोतो से पता चलता है की यहाँ पर भीलड़ी नामक सिक्को की ढलाई होती थी इसलिए इसका नाम भीलवाड़ा पड़ गया, इस जिले का अस्तित्व ११ वि शताब्दी से है।

भीलवाड़ा से 6 किलोमीटर दूर मंगरोप रोड़ पर शिवालय है। जो कि हरणी महोदव के नाम से प्रसिद्ध है। जहां पर प्रत्‍येक शिवरात्रि पर 3 दिवसीय भव्‍य मेले का आयोजन होता है। मेले का आयोजना जिला प्रशासन द्वारा नगर परिषद के सहयोग से किया जाता है। जिसमें 3 दिन तक प्रत्‍येक रात्रि में अलग-अलग कार्यक्रम यथा धार्मिक भजन संध्‍या , कवि सम्‍मेलन व सांस्‍क़तिक संध्‍या का आयोजन किया जाता है। यह मन्दिर पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। पुराने समय में यहां घना आरण्‍य होने से आरण्‍य वन कहा जाता था, जिसका अपभ्रंश हो कर हरणी नाम से प्रचलित हो गया।

भीलवाड से 55 किलोमीटर दूर खारी नदी के बायें किनारे पर स्थित भीलवाडा का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल। राजस्थान के लोक देवता देवनारायण जी का यह तीर्थ स्थल ह और इनका यहॉ एक भव्य मंदिर स्थित हैं। इसे इसके निर्माता भोजराव के नाम पर सवाईभोज कहते हैं।


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