रुद्रप्रयाग़ उत्तराखंड

रुद्रप्रयाग जिला उत्तराखंड के गढ़वाल मण्डल के अंतर्गत आता है, रुद्रप्रयाग जिले का मुख्यालय रुद्रप्रयाग नगर है, जिले में २ विधानसभा क्षेत्र है परंतु जिले में कोई भी लोक सभा सीट नहीं है, रुद्रप्रयाग जिले में २ तहसीलें है।

रुद्रप्रयाग जिले का क्षेत्रफल २४३९ वर्ग किलोमीटर है, २०११ की जनगणना के अनुसार रुद्रप्रयाग की जनसँख्या २२७४३९ और जनसँख्या घनत्व १२० व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, रुद्रप्रयाग जिले की साक्षरता ८२% है और २००१ से २०११ के बीच जनसँख्या विकास दर ४.१४% ताहि है और महिला पुरुष अनुपात रुद्रप्रयाग में ११२० महिलाये प्रति १००० पुरुषो पर है।

रुद्रप्रयाग भारत में कहाँ पर है

रुद्रप्रयाग जिला भारत के उत्तराखण्ड राज्य में है और ये राज्य के ऊत्तर की तरफ केंद्रीय भाग में है, रुद्रप्रयाग के अक्षांस और देशांतर क्रमशः ३० डिग्री २८ मिनट उत्तर से ७८ डिग्री ९८ मिनट पूर्व तक है, रुद्रप्रयाग की समुद्रतल से ऊंचाई २२४२ मीटर है, देहरादून से रुद्रप्रयाग १८० किलोमीटर पूर्व की तरफ है और दिल्ली से ३८३ किलोमीटर उत्तर की तरफ है।

रुद्रप्रयाग जिले के पडोसी जिले

रुद्रप्रयाग जिले के उत्तर में उत्तरकाशी जिला है, पूर्व में चमोली जिला है, दक्षिण में पौड़ी गढ़वाल जिला है और पश्चिम में टेहरी गढ़वाल जिला है

Information about Rudraprayag in Hindi

नाम रुद्रप्रयाग
राज्य उत्तराखंड
क्षेत्र 2,439 किमी²
रुद्रप्रयाग की जनसंख्या 2,242
अक्षांश और देशांतर 30.4807 डिग्री नं, 79.0645 डिग्री ई
रुद्रप्रयाग का एसटीडी कोड 1364
रुद्रप्रयाग का पिन कोड 246475
जिला मजिस्ट्रेट (डीएम कलेक्टर) श्री रंजना, आईएएस
पुलिस अधीक्षक (एसपी / एसएसपी) सुश्री नीरू गर्ग (IPS)
मुख्य विकास अधिकारी श्री पी। सी। तिवारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ। के.डी.शर्मा
संसद के सदस्य राज्य सभा
विधायक हरक सिंह रावत
उपखंडों की संख्या  
तहसील की संख्या 3
गांवों की संख्या 690
रेलवे स्टेशन ऋषिकेश
बस स्टेशन रुद्रप्रयाग में बस स्टेशन,
रुद्रप्रयाग में एयर पोर्ट जॉली ग्रांट हवाई अड्डे
रुद्रप्रयाग में होटल की संख्या 60
डिग्री कॉलेजों की संख्या 3
अंतर कॉलेजों की संख्या 5
मेडिकल कॉलेजों की संख्या 2
इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या 12
रुद्रप्रयाग में कंप्यूटर केंद्र 3
रुद्रप्रयाग में मॉल 16
रुद्रप्रयाग में अस्पताल 1
रुद्रप्रयाग में विवाह हॉल 2
नदी (ओं) मंदाकिनी नदी,
उच्च मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग 58
ऊंचाई 895 मीटर (2,936 फीट)
घनत्व 120 / किमी 2 (300 / वर्ग मील)
आधिकारिक वेबसाइट Http://rudraprayag.nic.in/
साक्षरता दर 82.0 9%
बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा, कोटक महिंद्रा बैंक, यूको बैंक, स्टेट बैंक, कॉरपोरेशन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक, आंध्र बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, ओरिएंटल बैंक, इलाहाबाद बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक
प्रसिद्ध नेता (ओं) एन्जेला मार्केल
राजनीतिक दलों कांग्रेस, भाजपा, बसपा, राकांपा, सपा
आरटीओ कोड यूके -13
आधार कार्ड केंद्र ना
स्थानीय परिवहन गाड़ियों, बस, कार और उड़ान
मीडिया समाचार पत्र, ग्रामीण / शहरी होने के रेडियो, ट्रांजिस्टर, मीडिया, टेलीविजन
विकास 6.53%
यात्रा स्थलों कोटेश्वर महादेव मंदिर, देवोरिया ताल, केदारनाथ, कालीमठ, जाखोली, खिरसू, अगस्तमुनी, उखीमठ, गुप्तकाशी, गौरीकुंड, तुगनाथ, कार्तिक स्वामी, सोनप्रयाग, त्रियूगिनरायण, रुद्रनाथ मंदिर, मादमहेश्वर मंदिर, इंद्रस्नी मानसा देवी मंदिर, हर हरियाली देवी मंदिर,
आयुक्त श्री वी.के.थथक

रुद्र प्रयाग़ का नक्शा मानचित्र मैप

गूगल मैप द्वारा निर्मित रुद्र प्रयाग़ का मानचित्र, इस नक़्शे में रुद्र प्रयाग़ के महत्वपूर्ण स्थानों को दिखाया गया है

रुद्र प्रयाग़ जिले में कितनी तहसील है

रुद्रप्रयाग जिले में २ तहसीलें है जिनके नाम 1. जखोली और 2. उखीमठ, इन दोनों तहसीलों में उखीमठ तहसील जखोली तहसील से बड़ी है।

रुद्र प्रयाग़ जिले में विधान सभा की सीटें

रुद्रप्रयाग जिले में 2 विधान सभा सीट है, इन विधानसभा क्षेत्रो के नाम केदारनाथ और रुद्रप्रयाग है

रुद्र प्रयाग़ जिले में कितने गांव है

रुद्रप्रयाग जिले में ३७४ गांव है जो की जिले की दो तहसीलों में विभाजित है ग्रामो की संख्या तहसीलों के नाम के अनुसार इस प्रकार से है 1. जखोली में 133 गांव है और 2. उखीमठ में 241 गांव है

Rudraprayag History in Hindi

रुद्रप्रयाग का इतिहास, रुद्रप्रयाग अलकनंदा तथा मंदाकिनी नदियों का संगमस्थल है। यहाँ से अलकनंदा देवप्रयाग में जाकर भागीरथी से मिलती है तथा गंगा नदी का निर्माण करती है। प्रसिद्ध धर्मस्थल केदारनाथ धाम रुद्रप्रयाग से ८६ किलोमीटर दूर है। भगवान शिव के नाम पर रूद्रप्रयाग का नाम रखा गया है। रूद्रप्रयाग अलकनंदा और मंदाकिनी नदी पर स्थित है। रूद्रप्रयाग श्रीनगर (गढ़वाल) से 34 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मंदाकिनी और अलखनंदा नदियों का संगम अपने आप में एक अनोखी खूबसूरती है। इन्‍हें देखकर ऐसा लगता है मानो दो बहनें आपस में एक दूसरे को गले लगा रहीं हो। ऐसा माना जाता है कि यहां संगीत उस्‍ताद नारद मुनि ने भगवान शिव की उपासना की थी और नारद जी को आर्शीवाद देने के लिए ही भगवान शिव ने रौद्र रूप में अवतार लिया था। यहां स्थित शिव और जगदम्‍बा मंदिर प्रमुख धार्मिक स्‍थानों में से है।  प्रमुख धार्मिक आकर्षण- अगस्त्यमुनि, गुप्‍तकाशी, गौरीकुंड, दिओरिया ताल, केदारनाथ है।


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