मंडी हिमाचल प्रदेश

मंडी जिला हिमाचल प्रदेश के 12 जिलों में एक जिला है, मण्डी मंडी मण्डल का जिला है और इसका मुख्यालय मण्डी है, जिले में 10 उपमंडल है, 23 तहसीलें, 10 उप खंड और 1 लोक सभा क्षेत्र है, 8 विधान सभा क्षेत्र है, 3367 ग्राम है और 473 ग्राम पंचायते है।

मंडी जिला

मण्डी जिले का क्षेत्रफल 5,503 वर्ग किलोमीटर है, और २०११ की जनगणना के अनुसार मण्डी की जनसँख्या ३,951 और जनसँख्या घनत्व 253/km2 व्यक्ति [प्रति वर्ग किलोमीटर] है, मण्डी की साक्षरता 82.81% है, महिला पुरुष अनुपात यहाँ पर 1012 महिलाये प्रति १००० पुरुषो पर है, जिले की जनसँख्या विकासदर २००१ से २०११ के बीच 10.89 % रहा है।

मंडी भारत में कहाँ पर है

मंडी जिला भारत के राज्यो में उत्तर की तरफ की अंदर की तरफ स्थित हिमाचल प्रदेश राज्य में है, मण्डी जिला हिमाचल प्रदेश के मध्य भाग का जिला है, मण्डी 31.42°N 76.55°E के बीच स्थित है, मण्डी की समुद्रतल से ऊंचाई 850 मीटर है, मण्डी शिमला से 125 किलोमीटर उत्तर पश्चिम की तरफ है और देश की राजधानी दिल्ली से 414 किलोमीटर उत्तर की तरफ ही है।

मंडी के पडोसी जिले

मण्डी के उत्तर पश्चिम में काँगड़ा जिला, पूर्व में कुल्लू जिला है, दक्षिण पूर्व में शिमला जिला है, दक्षिण में सोलन जिला है, दक्षिण पश्चिम में बिलासपुर जिला है और पश्चिम में हमीरपुर जिला है ।

Information about Mandi in Hindi

नाम मंडी
मुख्यालय मंडी
मंडल मंडी
राज्य हिमाचल प्रदेश
क्षेत्र 3,951 km2 (1,525 वर्ग मील)
मंडी की जनसंख्या (2011) 9,99,777
विकास 10.89%
साक्षरता दर 82.81%
घनत्व 253 / km2 (660 / वर्ग मील)
पुरुष महिला अनुपात 1012
ऊंचाई 850 मी (2,7 9 0 फुट)
अक्षांश और देशांतर 31 ° 42’25 “N 76 ° 55’54” E
मंडी का एसटीडी कोड 1905
मंडी की पिन कोड 175 001
संसद के सदस्य 1
विधायक 9
उपखंडों की संख्या 10
तहसील की संख्या 23
गांवों की संख्या 3367
रेलवे स्टेशन जोगिन्दर नगर और शिमला में ब्रॉड गेज ट्रेन द्वारा संकीर्ण गेज ट्रेन, चंडीगढ़ और कालका द्वारा
बस स्टेशन हाँ
मंडी में एयर पोर्ट 50 किमी दूर भूंतर हवाई अड्डे (कुयू), कुल्लू
मंडी में होटल की संख्या 67
डिग्री कॉलेजों की संख्या 48
अंतर कॉलेजों की संख्या 52
मेडिकल कॉलेजों की संख्या 3
इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या 17
मंडी में कंप्यूटर केंद्र 15
मंडी में मॉल 10
मंडी में अस्पताल 1 1
मंडी में विवाह हॉल 4
नदी (रों) सुकेती खड़ और स्कोधी खाद में शामिल हो
उच्च मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग -20, 21
आधिकारिक वेबसाइट http://himachal.gov.in/index.php?lang=1&dpt_id=199
बैंकों पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, एचडीएफसी बैंक लिमिटेड, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया राणा , बैंक ऑफ बड़ौदा, कैनरा बैंक
राजनीतिक दलों भाजपा कांग्रेस
आरटीओ कोड HP-33
स्थानीय परिवहन बस, टैक्सी, कार, ऑटो, रेलगाड़ी
मीडिया अख़बार प्रकाशन, टेलीविजन और रेडियो स्टेशन, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, अमर उज्ला, पंजाब केसरी, हिंदुस्तो। लोकप्रिय पत्रिकाएं आउटलुक, चंपक हैं लोकप्रिय अंग्रेजी भाषा समाचार पत्र
यात्रा स्थलों भगवान शिव और देवी काली, माता कुआन रानी मंदिर, मंदारव, पद्मसंघव, गुरुद्वारा, नमाज-ए-जुमा, भूतनाथ मंदिर, सैनामौल मंदिर

मण्डी का नक्शा मानचित्र मैप


गूगल मैप द्वारा निर्मित मण्डी का मानचित्र, इस नक़्शे में मण्डी के महत्वपूर्ण स्थानों को दिखाया मण्डी है

मण्डी जिले में कितनी तहसील है

मण्डी जिले में 17 तहसीलें है जो की मंडी, चाच्योत, थुनाग, करसोग, कोटली, जोंगींदरनगर, पाध्र, लाधाभाडोल, सुंदरनगर, सरकाघाट, बल्ह, आट, निहारी, सेंधोल, धरमपुर, बलद्वारा और बलूचोक इन 17 तहसीलों को फिर से 10 विकास खंडों और 7 उप तहसील सैंज और निथार में विभाजित किया है।

मण्डी जिले में विधान सभा की सीटें

मण्डी जिले में 8 विधान सभा क्षेत्र है जिनके नाम 1. सुंदरनगर 2. नचतन (एससी) 3. सीरज 4. दारांग 5. जोगिंदरनगर 6. मंडी 7. बल्ह (एससी) 8. सरकाघाट 9. धरमपुर और ये सभी मण्डी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा हैं।

मण्डी जिले में कितने गांव है

मण्डी जिले में 3367 गांव है जो कि 473 ग्राम पंचायतों के माध्यम से संचालित किये जाते, ग्राम पंचायतो के ऊपर खंड और उसके ऊपर तहसील होती है, जो की जिले में 10 है और 23 उपभागें है ।

मण्डी का इतिहास

मंडी का इतिहास भी बहुत प्राचीन है, इतिहासकारों की मानें तो मंडी का पहले नाम महादेव नगर था जिसे एक रियासत के रूप में 1200 में राजा बाहु सेन ने बसाया था लेकिन अजबर सेन ने १५२६ में इसे मंडी नाम दिया, ये सेन वंशीय लोग स्वयं को महाभारत काल के पांडवो के वंशज माने जाते है।

आधुनिक मंडी का निर्माण दो रियासतों को मिलकर १९४८ में हुआ है, मंडी के अलाबा इसमें सुकेत रियासत भी है जिसे सुरेंदर नगर भी कहते है, १५ अप्रैल १९४८ को दोनों रियासतों को मिलकर आज के मंडी जिले का निर्माण हुआ है।


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