दमोह जिला मध्य प्रदेश के जिलों में एक जिला है, दमोह जिला, सागर मंडल के अंतर्गत आता है और इसका मुख्यालय दमोह में है, जिले में 3 उपमंडल है, 5 ब्लॉक है, 7 तहसील है और 4 विधान सभा क्षेत्र जो की दमोह संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आती है, 1229 ग्राम है और 460 ग्राम पंचायते भी है ।
दमोह जिला
दमोह जिले का क्षेत्रफल 7306 वर्ग किलोमीटर है, और २०११ की जनगणना के अनुसार दमोह की जनसँख्या 1263703 और जनसँख्या घनत्व 170/km2 व्यक्ति [प्रति वर्ग किलोमीटर] है, दमोह की साक्षरता 70.92% है, महिला पुरुष अनुपात यहाँ पर 913 महिलाये प्रति १००० पुरुषो पर है, जिले की जनसँख्या विकासदर २००१ से २०११ के बीच 16.५८ % रहा है।
दमोह जिला भारत में कहाँ पर है
दमोह जिला भारत के राज्यो में एकदम मध्य में स्थित मध्य प्रदेश राज्य में है, दमोह जिला मध्य प्रदेश की भौगोलिक सीमा के अंदर ही है पूर्व की तरफ, दमोह २३°८४′ उत्तर ७९°४५′ पूर्व के बीच स्थित है, दमोह की समुद्रतल से ऊंचाई ५९५ मीटर है, दमोह भोपाल से २५० किलोमीटर उत्तर पूर्व की तरफ प्रादेशिक राजमार्ग 14 और राष्ट्रिय राजमार्ग १४६ पर है और भारत की राजधानी दिल्ली से ७४५ किलोमीटर दक्षिण पूर्व की तरफ राष्ट्रिय राजमार्ग ४४ पर है।
दमोह जिले के पडोसी जिले
दमोह के उत्तर में छतरपुर जिला है, उत्तर पूर्व में पन्ना जिला है, पूर्व में कटनी जिला है, दक्षिण पूर्व में जबलपुर जिला है, दक्षिण पश्चिम में नरसिंहपुर जिला है और पश्चिम में सागर जिला है ।
Information about Damoh in Hindi
| नाम | दमोह |
|---|---|
| मुख्यालय | दमोह |
| प्रशासनिक प्रभाग | सागर डिवीजन |
| राज्य | मध्य प्रदेश |
| क्षेत्रफल | 7,306 किमी 2 (2,821 वर्ग मील) |
| जनसंख्या (2011) | 1,263,703 |
| पुरुष महिला अनुपात | 913 |
| विकास | 16.58% |
| साक्षरता दर | 70.92% |
| जनसंख्या घनत्व | 170 / किमी 2 (450 / वर्ग मील) |
| ऊंचाई | 595 मीटर (1,952 फीट) |
| अक्षांश और देशांतर | 23.84 ° उत्तर 79.45° पूर्व |
| एसटीडी कोड | 07812′ |
| पिन कोड | 470661 |
| संसद के सदस्य | 1 |
| विधायक | 4 |
| उपमंडल | 3 |
| तहसील | 7 |
| खंडों की संख्या | 5 |
| गांवों की संख्या | 1229 |
| रेलवे स्टेशन | दमोह रेलवे स्टेशन |
| बस स्टेशन | हाँ |
| एयर पोर्ट | जबलपुर हवाई अड्डा |
| डिग्री कॉलेजों की संख्या | 6 |
| उच्चतर माध्यमिक विद्यालय | 32 |
| हायस्कूल | 44 |
| प्राथमिक विद्यालय (पूर्व-प्राथमिक को शामिल करना) | 1424 |
| मध्य विद्यालय | 520 |
| अस्पताल | NIA |
| नदी (ओं) | नदी गौरैया |
| उच्च मार्ग | एनएच 44, एनएच 146 |
| आधिकारिक वेबसाइट | http://damoh.nic.in |
| बैंक | NIA |
| प्रसिद्ध नेता (ओं) | प्रहलाद पटेल |
| आरटीओ कोड | MP-34 |
| स्थानीय परिवहन | बस, टैक्सी आदि |
दमोह जिले का नक्शा मानचित्र मैप
गूगल मैप द्वारा निर्मित दमोह का मानचित्र, इस नक़्शे में दमोह के महत्वपूर्ण स्थानों को दिखाया है
दमोह जिले में कितनी तहसील ब्लॉक और उपमंडल है
दमोह जिले में प्रशासनिक विभाजन उपमंडल, ब्लॉक और तहसील में किया गया है, इनके मुख्य अधिकारी SDM BDO और तहसीलदार होते है, दमोह जिले में 3 उपमंडल है जिले में 7 तहसीलें है 1. दमोह 2. तेन्दूखेड़ा 3. पथरिया 4. हत्ता 5. पटेरा 6. जबेरा 7.बटियागढ़ तथा 5 ब्लॉक है
दमोह जिले में विधान सभा और लोकसभा की सीटें
दमोह जिले में 4 विधानसभा क्षेत्र है जिनके नाम पथरिआ, दमोह, जबेरा, हत्ता(SC ) है और ये सभी विधान सभा सीट दमोह संसदीय क्षेत्र का यह एक हिस्सा है।
दमोह जिले में कितने गांव है
दमोह जिले में 460 ग्राम पंचायतों के अंदर आने वाले कुल 1229 गांव है, इनमे से 1188 गांवों में लोग रहते हैं जिनको आबाद ग्राम कहा जाता है और 41 गांव वीरान है मतलब इन ग्रामो के कोई नहीं रहता है। जिले के १११० ग्रामो में बिजली पहुंच चुकी है जबकि २७४ ग्राम अभी भी बिजली रहित है।
दमोह जिले का इतिहास
दमोह का इतिहास पाषाण काल से सम्बंधित है, यह पर प्राचीन मानव सभ्यता के बहुत से प्राचीन अवशेष प्राप्त हुए है, इस भूभाग पर कई राजवंशो का अधिपत्य रहा उनमे सबसे श्रेष्ठ कार्यकाल रानी दुर्गावती का था और वो अंत तक मुगलो से झूझती रही लेकिन मुगलो के अधिपत्य को स्वीकार नहीं किया।
यहाँ पर तीसरी और चौथी शताब्दी ईसा पूर्व में में मौर्यो और गुप्त शासको का आधिपत्य था, नौवीं शताब्दी से १२वी शताब्दी तक राजपूतो का कार्यकाल रहा, १३वी शताब्दी के अंत से लेकर १७वी शताब्दी के प्रारम्भ तक मुश्लिम और मुगलो का अतिक्रमण रहा, १७वी शताब्दी के मध्य से लेकर अट्ठारवीं शताब्दी के अंत तक बुंदेलों और मराठो का राज्य था १९वी शताब्दी से लेकर १९४७ तक ईस्ट इंडिया कम्पनी और ब्रिटिश महारानी का आधिपत्य था, १९४७ में देश स्वतंत्र हो और दमोह को मध्य प्रदेश में शामिल कर लिया गया।