चुरु़ राजस्थान

चूरु जिला राजस्थान के बीकानेर मण्डल का एक महत्वपूर्ण जिला है, चूरु जिले का मुख्यालय चूरु शहर है, चूरु जिले में १ लोक सभा क्षेत्र, ६ तहसील और ५ विधान सभा की सीटें है।

चूरु जिले का क्षेत्रफल १३८५८ वातज किलोमीटर है और २०११ की जनगणना के अनुसार चूरु की जनसँख्या २०४११७१ और जनसँख्या घनत्व १५० व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, चूरु की साक्षरता ६८% है, महिला पुरुष अनुपात ९३८ महिलाये प्रति १००० पुरुषो पर है और २००१ से २०११ के बीच जनसँख्या विकास दर ६% रही है।

चूरु भारत में कहाँ पर है

चूरु जिला भारत के राज्य राजस्थान के उत्तर पूर्वी भाग में है, चूरु के अक्षांस और देशांतर २८ डिग्री ३० मिनट उत्तर से ७४ डिग्री ९५ मिनट पूर्व तक है, समुद्रतल से चूरु की ऊंचाई २९२ मीटर है, चूरु जयपुर से २०७ किलोमीटर उत्तर की तरफ है और देश की राजधानी दिल्ली से २५८ किलोमीटर पश्चिम की तरफ है।

चूरु जिले के पडोसी जिले

चूरु जिले के उत्तर में हनुमानगढ़ जिला है, पूर्व में हरियाणा का भिवानी जिला है, दक्षिण पूर्व में झुंझुनू जिला है, दक्षिण में सीकर, दक्षिण पश्चिम में नागौर जिला है और पश्चिम में बीकानेर जिला है।

Information about Churu in Hindi

नाम चुरु
राज्य राजस्थान
क्षेत्र 16,830 वर्ग कि.मी.
चुरु की जनसंख्या 119,846
अक्षांश और देशांतर 28.3254 डिग्री एन, 74.4057 डिग्री ई
चुरु का एसटीडी कोड 1562
चुरु की पिन कोड 331001
जिला मजिस्ट्रेट (डीएम कलेक्टर) आर्चना सिंह
पुलिस अधीक्षक (एसपी / एसएसपी) बरहत राहोल मंगलदार
मुख्य विकास अधिकारी श। एम.एम. तिवारी,
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ रामबाबू जायसवाल,
संसद के सदस्य राहुल कासवान
विधायक राजेंद्र सिंह राठौड़
उपखंडों की संख्या 6
तहसील की संख्या 6
गांवों की संख्या 89 9
रेलवे स्टेशन चुरु जंक्शन रेलवे स्टेशन
बस स्टेशन बस स्टेशन
चुरु में एयर पोर्ट गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा
चुरु में होटल की संख्या 64
डिग्री कॉलेजों की संख्या 10
अंतर कॉलेजों की संख्या 51
मेडिकल कॉलेजों की संख्या 10
इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या 21
चुरु में कंप्यूटर केंद्र 38
चुरु में मॉल 5
चुरु में अस्पतालों 1 1
चुरु में विवाह हॉल 3
नदी (ओं) चुरु नदी
उच्च मार्ग राज्य राजमार्ग संख्या -37
ऊंचाई 292 मीटर (9 8 फुट)
घनत्व 148 व्यक्तियों / वर्ग किलोमीटर
आधिकारिक वेबसाइट
साक्षरता दर 67.46%
बैंक आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, पीएनबी, आईडीबीआई बैंक, सिंडिकेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन बैंक, स्टेट बैंक
प्रसिद्ध नेता (ओं) सागत सिंह
राजनीतिक दलों भाजपा, कांग्रेस, बसपा
आरटीओ कोड आरजे -10
आधार कार्ड केंद्र 10
स्थानीय परिवहन कार, ट्रेन, बस और टैक्सी
मीडिया समाचार पत्र, ग्रामीण / शहरी होने के रेडियो, ट्रांजिस्टर, मीडिया, टेलीविजन
विकास 26.08%
यात्रा स्थलों सेठानी का जौहर, मानसा देवी मंदिर, कन्हैयाल बागला हवेली, लक्ष्मीनारायण मंदिर, आथ कमब छात्रा, रतनगढ़ किले, रघुनाथजी मंदिर

 

चुरु़ का नक्शा मानचित्र मैप


गूगल मैप द्वारा निर्मित चुरु़ का मानचित्र, इस नक़्शे में चुरु़ के महत्वपूर्ण स्थानों को दिखाया गया है

चुरु़ जिले में कितनी तहसील है

चूरू जिले में ६ तहसीलें है, इन तहसीलों के नाम 1. चूरू 2. राजगढ़ 3. रतनगढ़ 4. सरदारशहर 5. सुजानगढ़ और 6. तारानगर है, इन ६ तहसीलों में रतनगढ़ सबसे छोटी तहसील है और राजगढ़ तहसील सबसे बड़ी तहसील है।

चुरु़ जिले में विधान सभा की सीटें

चूरू जिले में ५ विधान सभा क्षेत्र है, 1. तारानगर, 2. सरदारशहर, ३. चूरू 4. रतनगढ़ 5. सुजानगढ़ (SC) , ५ विधानसभा सीटों में १ विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाती के लिए आरक्षित है

चुरु़ जिले में कितने गांव है

चूरू जिले में ८९६ गांव है जो की जिले की 6 तहसीलों के अंदर आते है, तहसील का नाम और उसमे ग्रामो की संख्या 1. चूरू १०९ गांव है, 2. राजगढ़ तहसील में 215 गांव है 3. रतनगढ़ में १०२ गांव है, 4. सरदारशहर तहसील में १८३ गांव है, 5. सुजानगढ़ में १६४ गांव है और 6. तारानगर तहसील में १२३ गांव है,

चूरू का इतिहास

चूरू भारत के सबसे बड़े राज्य राजस्थान के मरुस्थलीय भाग का एक नगर एवं लोकसभा क्षेत्र है। इसे थार मरुस्थल का द्वार भी कहा जाता है। यह चूरू जिले का जिला मुख्यालय है। चूरू की स्थापना 1620 ई. में चूहरू जाट ने की थी. आजादी से पहले चूरू बीकानेर राज्य का एक हिस्सा था, चूरू को एक जिले के रूप में मान्यता 1948 में मिली, चुरू के अंतर्गत 3 नयी तहसीले बानी जब बीकानेर राज्य का पुनर्संगठित किया गया, इन तहसीलों को चूरू, राजगढ़ और तारानगर के नाम से जाना जाता है, आज चुरू जिले के अंतर्गत छह तहसीलें है चूरू, सादुलपुर, रतनगढ़, सुजानगढ़, सरदारसहार और तारानगर.

चूरू के दर्शनीय स्थल

इस शहर में कन्हैया लाल बंगला की हवेली और सुराना हवेली आदि जैसी कई बेहद खूबसूरत हवेलियां हैं, जिनमें हजारों छोटे-छोटे झरोखे एवं खिड़कियाँ हैं। ये राजस्थानी स्थापत्य शैली का अद्भुत नमूना हैं जिनमें भित्तिचित्र एवं सुंदर छतरियों के अलंकरण हैं। नगर के निकट ही नाथ साधुओं का अखाड़ा है, जहां देवताओं की मूर्तियां बनी हैं। इसी नगर में एक धर्म-स्तूप भी बना है जो धार्मिक समानता का प्रतीक है। नगर के केन्द्र में एक दुर्ग है जो लगभग ४०० वर्ष पुराना है।


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