सूरत जिला गुजरात

सूरत जिला गुजरात के जिलों में एक जिला है, सूरत जिला, यह गुजरात के दक्षिणी क्षेत्र के अंतर्गत आता है, इसका मुख्यालय सूरत है, जिले में कुछ वित्त विभाग है 10 तालुका है, 5 नगरपालिकाएं है और 16 विधान सभा क्षेत्र जो की सूरत संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आती है, 729 ग्राम है और 572 ग्राम पंचायते भी है ।

सूरत जिला

सूरत जिले का क्षेत्रफल ४,040 वर्ग किलोमीटर है और २०११ की जनगणना के अनुसार सूरत की जनसँख्या लगभग 12,32,109 है और जनसँख्या घनत्व 305 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, सूरत की साक्षरता 86.60% है, महिला पुरुष अनुपात यहाँ पर 925 है, जिले की जनसँख्या विकासदर २००१ से २०११ के बीच 42.19% रही है।

सूरत जिला भारत में कहाँ पर है

सूरत जिला भारत के राज्यो में एकदम पश्चिम में स्थित गुजरात राज्य में है, सूरत जिला गुजरात के उत्तर पूर्वी भाग में है और इसकी सीमाएं अरबसागर और खम्भात की खाड़ी से मिलती है, और सूरत 20°55′ उत्तर 73°03′ पूर्व के बीच स्थित है, सूरत की समुद्रतल से ऊंचाई 13 मीटर है, सूरत गुजरात की राजधानी गांधीनगर से 289 किलोमीटर दक्षिण की तरफ राष्ट्रिय राजमार्ग 48 पर है और भारत की राजधानी दिल्ली से 1161 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम की तरफ राष्ट्रिय राजमार्ग 48 पर है।

सूरत जिले के पडोसी जिले

सूरत के उत्तर में भरुच जिला है, उत्तर पूर्व में नर्मदा जिला है और पूर्व में तापी जिला है, दक्षिण में नवसारी जिला है, दक्षिण पश्चिम से उत्तर पश्चिम में अरब सागर और खम्भात की खाड़ी है।

Information about Surat in Hindi

नाम सूरत
मुख्यालय सूरत
प्रशासनिक प्रभाग दक्षिण गुजरात
राज्य गुजरात
क्षेत्रफल 4,040 किमी 2 (1,554 वर्ग मील)
जनसंख्या (2011) 12,32,109
पुरुष महिला अनुपात 925
विकास 42.19%
साक्षरता दर 86.60%
जनसंख्या घनत्व 305 / किमी2 (793 / वर्ग मील)
ऊंचाई 13 मीटर (39 फीट)
अक्षांश और देशांतर 20°55′ उत्तर 73°03′ पूर्व
एसटीडी कोड 0261′
पिन कोड 394 XXX, 395 XXX
तहसील/मंडल 10
लोकसभा क्षेत्र

2
विधानसभा क्षेत्र

18
गांवों की संख्या 729
रेलवे स्टेशन सूरत रेलवे स्टेशन
एयर पोर्ट सूरत हवाई अड्डा
नदी (ओं) तापती नदी
उच्च मार्ग एनएच 48
आधिकारिक वेबसाइट http://surat.gujarat.gov.in
प्रसिद्ध नेता (ओं) NIA
आरटीओ कोड GJ-05, GJ-28, GJ-19

सूरत जिले का नक्शा मानचित्र मैप

सूरत जिले में कितनी तहसील ब्लॉक और उपमंडल है

सूरत जिले में प्रशासनिक विभाजन तालुके जिनको तहसील या उपमंडल भी कहते है, ये जिले में 10 है, मांगरोल, मांडवी, कामरेज, सूरत, लिम्बायत, कतारगाम, चोर्यासी, बारडोली और महुवा। जिले में 5 नगरपालिका भी है।

सूरत जिले में विधान सभा और लोकसभा की सीटें

सूरत जिले में 16 विधानसभा क्षेत्र है ओलपाड, मांगरोल, मांडवी, कामरेज, सूरत ईस्ट, सूरत नार्थ, वराछा रोड, करंज, लिम्बायत, उड़ना, माजरा, कतारगाम, सूरत वेस्ट, चोर्यासी, बारडोली और महुवा, और ये सभी सूरत संसदीय क्षेत्र में आते है।

सूरत जिले में कितने गांव है

सूरत जिले में 729 ग्राम पंचायतों के अंदर आने वाले 572 गांव है।

सूरत जिले का इतिहास

सूरत का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ है, यहाँ पर भगवन श्री कृष्ण ने कुछ समय प्रवास किया था जब वह मथुरा [ये स्थान अब उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में है ] से द्वारका (इसको अब देवभूमि द्वारका जिला कहा जाता है) आ रहे थे।

इतिहासकारो की माने तो यहाँ पर ८वी शताब्दी से कुछ पारसी लोग आने लगे थे और १५वी शताब्दी के अंतिम वर्षो में इस नगर की स्थापना गोपी नामक ब्राह्मण ने की थी और इसका नाम सूर्यपुर रखा गया था।

१5१३ से १५३० तक सूरत पुर्तग़ालिओ के अधीन रहा क्युकी यह एक व्यवस्थित बंदरगाह था, इस प्रकार पुर्तग़ालिओ से यह ईस्ट इंडिया कंपनी के हांथो में चला गया और इसके बाद 1947 में भारत गणराज्य में जुड़ गया, 2007 में इसमें से तापी जिले को अलग कर दिया तब से अब तक सूरत उसी स्वरूप में है।

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