त्रिपुरा

त्रिपुरा के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य

राज्य त्रिपुरा (Tripura)
राज्यपाल तथागत रॉय
मुख्यमंत्री मानिक सरकार (सीपीआई (ऍम))
उप मुख्यमंत्री NA
आधिकारिक वेबसाइट http://tripura.gov.in/
स्थापना का दिन 21 जनवरी 1972
क्षेत्रफल 10,486 वर्ग किमी
घनत्व 350 प्रति वर्ग किमी
जनसंख्या (2011) 3,673,917
पुरुषों की जनसंख्या (2011) 1,874,376
महिलाओं की जनसंख्या (2011) 1,799,541
शहरी जनसंख्या % में (2011) 26.17%
जिले 8
राजधानी अगरतला
उच्च न्यायलय त्रिपुरा उच्च न्यायालय
जनसँख्या में स्थान [भारत में ] 22nd
क्षेत्रफल में स्थान [भारत में ] 27th
धर्म हिन्दू, मुस्लिम, क्रिश्चियन, बुद्धिज़्म, सिख धर्म, अन्य धर्म
नदियाँ बुरिमा, गोमती, खोवाई, धलाई, मुहूरी, फेनी, जूरी मनु और लोंगई
वन एवं राष्ट्रीय उद्यान क्लॉउडेड लेपर्ड राष्ट्रीय उद्यान, सिपाहिज़ोल, गुमटी, रोवा और तृष्णा वन्यजीव अभयारण्य, बाइसन राष्ट्रीय उद्यान, तृष्णा वन्यजीव अभयारण्य, राजबारी नेशनल पार्क
भाषाएँ हिंदी, मोग, ओड़िया, बिष्णुप्रिया मणिपुरी, मणिपुरी, हलम, कूकी, बंगाली, गारो एंड चकमा , अंग्रेजी
पड़ोसी राज्य असम, मिजोरम
राजकीय पशु फायरे का लंगूर
राजकीय पक्षी ग्रीन इंपीरियल कबूतर
राजकीय वृक्ष अगर
राजकीय फूल नागेश्वर
नृत्य गरिया, होज़ा गिरी, धमैल
खेल थवगमदाग
नेट राज्य घरेलू उत्पाद (2013-2014) 27,000 करोड़ रुपया
साक्षरता दर (2011) 87.22%
1000 पुरुषों पर महिलायें 960
सदन व्यवस्था एक सदनीय
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 60
विधान परिषद् सीटे NA
संसदीय निर्वाचन क्षेत्र 2
राज्य सभा सीटे 1

त्रिपुरा का नक्शा

गूगल मैप की सहायता से बना हुआ Tripura Ka Naksha

त्रिपुरा का इतिहास

ऐसा कहा जाता है कि राजा त्रिपुर, जो ययाति वंश का 39 वाँ राजा था के नाम पर इस राज्य का नाम त्रिपुरा पड़ा। एक मत के मुताबिक स्थानीय देवी त्रिपुर सुन्दरी के नाम पर यहाँ का नाम त्रिपुरा पड़ा। त्रिपुरा भारत का एक राज्य है। अगरतला त्रिपुरा की राजधानी है। बंगाली और त्रिपुरी भाषा कोक बोरोक यहाँ की मुख्य भाषाये है। त्रिपुरा का बडा पुराना और लंबा इतिहास है। इसकी अपनी अनोखी जनजातीय संस्‍कृति तथा दिलचस्‍प लोकगाथाएं है। इसके इतिहास को त्रिपुरा नरेश के बारे में ‘राजमाला’ गाथाओं तथा मुसलमान इतिहासकारों के वर्णनों से जाना जा सकता है। महाभारत और पुराणों में भी त्रिपुरा का उल्‍लेख मिलता है। राजमाला के अनुसार त्रिपुरा के शासकों को ‘फा’ उपनाम से पुकारा जाता था जिसका अर्थ ‘पिता’ होता है।त्रिपुरा के शासकों को मुगलों के बार-बार आक्रमण का भी सामना करना पडा जिसमें आक्रमणकारियों को कमोबेश सफलता मिलती रहती थी। कई लड़ाइयों में त्रिपुरा के शासकों ने बंगाल के सुल्‍तानों कों हराया।

त्रिपुरा के महत्‍वपूर्ण पर्यटन केंद्र :-

वेस्‍ट – साउथ त्रिपुरा टूरिज्‍म वृत्त

अगरतला,

कमल सागर

सेफाजाला

नील महल

उदयपुर

पिलक

महामुनि।

वेस्‍ट – नॉर्थ त्रिपुरा टूरिज्‍म वृत्त

अगरतला,

उनोकोटि

जामपुई हिल

त्रिपुर सुंदरी मंदिर-त्रिपुरा सुन्दरी-तलवाडा ग्राम से 5 किलोमीटर दूर स्थित भव्य प्राचीन त्रिपुरा सुन्दरी का मंदिर हैं, जिसमें सिंह पर सवार भगवती अष्टादश भुजा की मूर्ति स्थित हैं। मूर्ति की भुजाओं में अठारह प्रकार के आयुध हैं। इस मंदिर की गिनती प्राचीन शक्तिपीठों में होती हैं। मंदिर में खण्डित मूर्तियों का संग्रहालय भी बना हुआ हैं मंदिर में प्रतिदिन दर्शनार्थियों का तांता लगा रहता हैं। प्रतिवर्ष नवरात्रा में यहाँ भारी मेला भी लगता हैं।

पर्यटन समारोह-

 

आरेंज एंड टूरिज्‍म फेस्टिवल वांगमुन

उनोकेटि टूरिज्‍म फेस्टिवल

नीरमहल टूरिज्‍म फेस्टिवल

पिलक टुरिज्‍म फेस्टिवल।

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