नरेंद्र मोदी की योजनाए

श्री नरेंद्र मोदी जी जिस दिन भारत के संबिधान साक्षी मानकर भारत देश प्रधान मंत्री बने है बने है उसी दिन से देश में बदलाव लाने के लिए लगे हुए है, इस संदर्भ में सबसे पहले मोदी जी मोदी जी कुछ ऐसी योजनाएं लाये जिनसे युवाओं को जोड़ा सा सके, इसमें ही सबसे पहली थी डिजिटल इंडिया योजना, मतलब देश का ज्यादातर काम इंटरनेट और मोबाइल से किया जा सके, इसके लिए मुकेश अम्बानी ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए 4G नेटवर्क की सुविधाएं एकदम फ्री कर दी वो भी लगभग १ साल के लिए, जिससे देश के लोग ज्यादा से ज्यादा इंटरनेट का इस्तेमाल कर सके।

देश के कुछ राज्य और गाओं आज भी जहाँ अपर बेटिओ को जन्म लेते ही मार दिया जाता है या फिर जन्म के बाद उनको पढ़ने नहीं है, इसके लिए ही मोदी जी ने २ महत्वपूर्ण योजनाए सुरु की थी बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओ और दूसरी है सुकन्या समृद्दि योजना दोनों ही योजनाए बहुत ही महत्वपूर्ण है

डिजिटल इंडिया का उद्देश्य था कम से कम कागजो का इस्तेमाल और काम में तेजी जो की काफी हद तक सफल भी रही है, हां कुछ शरारती लोगो ने इसका मजाक उड़ाया पर ये सफल रही देश वासियो के कारन।

अब सबसे ज्यादा लोगो को समस्या ये आयी की डिजिटल माध्यम से पेमेंट करने के लिए गरीब आदमी के पास डेबिट कार्ड नहीं था, नेट बैंकिंग नहीं थी, इसलिए मोदी जी ने जन धन योजना का प्रारम्भ किया जिसमे सभी को एक रुपे डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग और सुविधाएं मिलेगी वो भी शून्य बैलेंस पर साथ ही ५००० की कर्ज की सुविधा, अब इसके सहजयोग से डिजिटल इंडिया का काम और आसान हो गया।

इसके बाद जो महत्वपूर्ण कार्य हुआ वो था देश को स्वक्छ करने का, देश में हम सब गंदगी से परेशां है और हम सब ही गंदगी करते है, इसलिए देशवासिओ को साफ सफाई के लिए जागरूक करके के लिए गाँधी जयंती के दिन स्वक्छ भारत अभियान की शुरुबाट की गयी, जिसे समस्त देशवासियो और सरकारी विभागों ने उत्साह पूर्वक स्वीकार किया और इसमें योगदान दिया।

कोई भी देश तभी तरक्की कर सकता है जब उस देश का युवा रोजगार में लगा हुआ हो, अगर युवा रोजगार में नहीं है तो देश की अर्थ व्यवस्था ज्यादा टिकाऊ नहीं होती है, और देश लड़खड़ाने लगता है,

क्युकी बेरोजगार युवा अपनी जरूरते पूरी करनेके लिए फिर अपराध का रुख ,अभी तक देश में बहुत सी विदेशी कम्पनिया है, परन्तु वो सभी कुछ बहार से बना हुआ मांग कर उसके यहाँ पर असेम्ब्ल करती थी, मोदी जी ने आग्रह किया की आप आपना सेटअप यही लगाओ और मेक इन इंडिया कर दो जो की अभी तक मेड इन इंडिया था।

अभी तक जितने भी काम हुए उनमे सबसे ज्यादा भागीदारी या तो देश की जनता की थी, युवाओ की थी या फिर देश के सरकरी कर्मचायिओ की थी, तक कोई भी काम ऐसा नहीं था जिसमे चुने हुए प्रतिनिधिओ का योगदान हुआ हो, इसलिए कुछ जिम्मेदारी उनपर डालते हुए सांसद आदर्श ग्राम योजना शुरू की जिसका उद्देश्य था संस्ड अपने संसदीय क्षेत्र में १ साल के लिए १ गाओं को गोद लेगा और इसके एक आदर्श गांव बनाएगा, इस प्रकार से सभी योजनाए देश हित में ही है।

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