मातृत्व लाभ योजना

मातृत्व लाभ योजना भारत सरकार की देश की गर्भवती महिलाओ को आर्थिक और स्वास्थ लाभ प्रदान करने की एक महत्वकांक्षी योजना है, वैसे इस तरह की योजना भारत के कुछ राज्यो जैसे केरल और तमिलनाडु में पहले से ही चल रही है और यहाँ की जनता को इसका लाभ भी मिल रहा है, परंतु ये सिर्फ राज्य सरकार की पहल है जो की किसी अन्य राज्य में नहीं है, तमिलनाडु में भी कुछ १० साल पहले रामचंद्रन ने अपनी माता की स्मृति में मुथुलक्ष्मी मातृत्व लाभ योजना का प्रारम्भ किया।

तमिलनाडु की मातृत्व लाभ योजना क्या है

वास्तव में राज्य सरकारो का ये कदम इसलिए है की ज्यादा से ज्यादा लोग सरकारी सेवाएं ले, अपना इलाज, टीकाकरण और प्रसव सरकारी अस्पताल में करवाये, तमिलनाडु की मातृत्व लाभ योजना में कुल मिलकर १२००० रूपये नगद राज्य सर्कार की तरफ से और सभी दवाये, टीका और प्रसव सरकारी अस्पताल की तरफ से दी जाती है, परंतु ये १२००० रूपये एक साथ न देकर ३ किस्तो में दी जाती है [१] पहली ४००० की क़िस्त तब दी जाती है जब महिला ६-७ महीने के गर्भ के साथ सरकारी अस्पताल में अपना पूर्ण चेकउप करवाने जाती है [२] बच्चे के जन्म के तुरंत बाद [3] बच्चे के जन्म के बाद ३-६ महीने के टीका लगने के बाद, इसका कारण ये है की जिस प्रयोजन के लिए ये धन राशि दी जा रही है इसका उपयोग उसी के लिए हो।

केरल की मातृत्व लाभ योजना

केरल की की मातृत्व लाभ योजना के अंतर्गत ९००० रूपये दिए जाते है,ये भी ४ किस्तो में दिए जाते है, परंतु ये सभी लोगो के लिए न होकर जाती विशेष और मुसलमानो के लाभ के लिए बनायीं योजना है [ज्यादा जानकारी नहीं है समाचारो में जैसा सुना वैसा लिख रहा हूँ प्रमाणिकता संदिग्ध है*], इसमें गर्भ के ३ से ५ महीने में २०००, ६ से ८ महीने के बीच २००० रूपये, बच्चे के जन्म के बाद ३००० रूपये और जन्म के २-३ महीने के बाद बाकि के २००० रूपये, ये रूपये मूल रूप से बच्चे और माँ के आहार और अन्य जरूरतों के लिए दिए जाते है।

भारत सरकार की मातृत्व लाभ योजना

भारत के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नाव वर्ष की पूर्व सन्ध्या पर राष्ट्र के नाम अपने सन्देश में इस योजना के बारे में बताया था जनवरी २०१७ को केद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने इसकी आधिकारिक घोषणा की थी, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस योजना के बारे में बताया की, इस योजना में कुल ६००० रूपये ३ किस्तो में प्रथम २००० बच्चो के जन्म के समय मिलेंगे इसके लिए महिला को सरकारी अस्पताल या स्वस्थ केंद्र में पंजीकरण करना होगा, उसका आधार कार्ड और बैंक में खाता होना चाहिए, क्योंकि लाभ की राशि सीधे उसके खाते में जाएगी।

मातृत्व लाभ योजना किनके लिए है

जैसा की मंत्रालय, मेनका गाँधी और देश के प्रधान मंत्री जी ने कहा है, ये योजना देश की समस्त महिलाओ के लिए, इसमें अभीतक किसी जाती विशेष, धर्म, क्षेत्र या फिर आय वर्ग को शामिल नहीं किया गया है। जानकारी के अनुसार इस योजना की पहली किस्त 3000 रुपए की होगी जो की गर्भावस्था शुरू होने के तीन महीने के बाद दी जाएगी। दूसरी किस्त 1500 रुपए की प्रसूति के समय दिए जाएंगे, और अंतिम किस्त के 1500 रुपए बच्चे के जन्म के तीन महीने के बाद दिए जाएंगे। मंत्रालय का कहना है कि इस राशि को आधार से जोड़ा जाएगा और इस योजना से देश की 51 लाख 70 हजार महिलाओं को लाभ होगा ।

मातृत्व लाभ योजना का लाभ कैसे ले

मातृत्व लाभ योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले गर्भवती महिला को नजदीक के स्वास्थ केंद में पंजीकृत कराये और उनके बताये हुए समय पर वहाँ जाकर स्वास्थ जाँच कराये, टीके लगवाये, जैसा भोजन वो बताये महिला को खिलाये, और सबसे जरुरी, गर्भवती महिला का आधार नम्बर और बैंक अकॉउंट नम्बर पंजीकरण के समय बताये, अगर उस समय न हो तो उनको बाद में देकर अपडेट करा दे, क्योंकि योजना का लाभ उसी खाते में आएगी।

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