गोवा के जिले

गोवा या गोआ क्षेत्रफल के हिसाब से भारत का सबसे छोटा और जनसंख्या के हिसाब से चौथा सबसे छोटा राज्य है। महाभारत में गोवा का उल्लेख गोपराष्ट्र यानि गाय चरानेवालों के देश के रूप में मिलता है। जो मुख्य रूप से एक तटीय शहर था। जिस स्थान का नाम पुर्तगाल के यात्रियों ने गोवा रखा

गोवा के जिलों के नाम की सूची

Code District District Headquarters Population (2011)[2] Area (km²) Density (/km²)
NG Facts about North Goa North Goa Panaji 817,761 1,736 471
SG Facts about South Goa South Goa Margao 639,962 1,966 326

 

गोवा में कितने जिले है

गोवा में सिर्फ २ जिले है, पणजी और मार्गो, पणजी ज़िला गोवा प्रदेश की राजधानी भी है और ये जिला जनसँख्या और क्षेत्रफल में बड़ा भी है।

Goa Me Kitne Jile Hai

गोवा में 2 जिले है, जिनका प्रशभन एक आईएएस अधिकारी देखता है, गोवा हल ही में राज्य बना है इसलिए इन जिले के अंदर कई राज्य स्तरीय कार्यालय है जिनको प्रांतीय सेवा के अधिकारियो की सहायता से संचालित किया जाता है

भारत के जिले राज्यों के अनुसार

भारत मे कितने जिले है गुजरात में कितने जिले है बिहार में कितने जिले है उत्तर प्रदेश में कितने जिले है
आंध्र प्रदेश में कितने जिले है हरियाणा में कितने जिले है छत्तीसगढ़ में कितने जिले है उत्तराखण्ड में कितने जिले है
अरुणाचल प्रदेश में कितने जिले है हिमाचल प्रदेश में कितने जिले है दिल्ली में कितने जिले है भारत मे कितने गाँव है
असम में कितने जिले है झारखण्ड में कितने जिले है गोवा में कितने जिले है भारत में कितने राज्य है

भारत के राज्यों के बारे में जिले के अलावा अन्य जानकारी

उत्तराखंड तेलंगाना बिहार
अंडमान व नोकोबार द्वीप समूह आंध्र प्रदेश सिक्किम
पंजाब तमिलनाडु असम
जम्मू-कश्मीर केरल अरुणाचल प्रदेश
उत्तर प्रदेश कर्नाटक नगालैंड
हिमाचल प्रदेश महाराष्ट्र मणिपुर
हरयाणा गुजरात मिजोरम
दिल्ली मध्य प्रदेश त्रिपुरा
राजस्थान छत्तीसगढ़ मेघालय
झारखंड ओडिशा पश्चिम बंगाल

गोवा का  इतिहास

गोवा की रचना भगवान परशुराम ने की थी। कहा जाता है कि परशुराम ने एक यज्ञ के दौरान अपने बाणो की वर्षा से समुद्र को कई स्थानों पर पीछे धकेल दिया था और लोगों का कहना है कि इसी वजह से आज भी गोवा में बहुत से स्थानों का नाम वाणावली, वाणस्थली इत्यादि हैं।

उत्तरी गोवा में हरमल के पास आज भूरे रंग के एक पर्वत को परशुराम के यज्ञ करने का स्थान माना जाता है।जब यहाँ मौर्य वंश के शासन की स्थापना हुई थी। बाद में पहली सदी के शुरुआत में इस पर कोल्हापुर के सातवाहन वंश के शासकों का अधिकार स्थापित हुआ और फिर बादामी के चालुक्य शासकों ने इस पर वर्ष 580 से 750 तक राज किया। इसके बाद के सालों में इस पर कई अलग अलग शासकों ने अधिकार किया।

वर्ष 1312 में गोवा पहली बार दिल्ली सल्तनत के अधीन हुआ लेकिन उन्हें विजयनगर के शासक हरिहर प्रथम द्वार वहाँ से खदेड़ दिया गया। अगले सौ सालों तक विजयनगर के शासकों ने यहाँ शासन किया और 1469 में गुलबर्ग के बहामी सुल्तान द्वारा फिर से दिल्ली सल्तनत का हिस्सा बनाया गया। बहामी शासकों के पतन के बाद बीजापुर के आदिल शाह का यहाँ कब्जा हुआ जिसने गोअ-वेल्हा हो अपनी दूसरी राजधानी बनाई।


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