असम

असम भारत के उत्तर पश्चिम भाग का एक राज्य, असम ब्रह्मपुत्र घाटी और बराक घाटी के बीच में बसा हुआ हिमालय पर्वत श्रृंखला का एक राज्य है, और यह उत्तर पूर्व के सेवन सिस्टर राज्यो में से एक है, इसका क्षेत्रफल ७८४४० वर्ग किलोमीटर है।

असम के अक्षांस और देशांतर क्रमशः २६ डिग्री १४ मिनट उत्तर से ९१ डिग्री ७७ मिनट पूर्व तक है, असम को राज्य के रूप में मान्यता २६ जनवरी १९५० में मिली, असम की राजधानी दिसपुर और सबसे बड़ा शहर गुवाहाटी है, असम में ३३ जिले है।

असम की कुल जनसँख्या ३१२०५५७६, जन्संख्या घनत्व ४०० व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, जनसँख्या में असम का भारत में स्थान १५वा है और क्षेत्रफल में १७वा, यहाँ की साक्षरता ७९.१८% यह की मूल भाषा असमिया है परंतु हिन्दू, उर्दू, बोडो, बंगाली भाषाएँ भी यहाँ पर बोली जाती है

असम के बारे मे महत्वपूर्ण तथ्य

राज्य असम
राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित
मुख्यमंत्री सरबनंदा सोनोवाल (बीजेपी)
उप मुख्यमंत्री NA
आधिकारिक वेबसाइट http://www.assam.gov.in/
स्थापना का दिन 26 जनवरी 1950
क्षेत्रफल 78,438 वर्ग किमी
घनत्व 400 प्रति वर्ग किमी
जनसंख्या (2011) 31,205,576
पुरुषों की जनसंख्या (2011) 15,939,443
महिलाओं की जनसंख्या (2011) 15,266,133
शहरी जनसंख्या % में (2011) 67.00%
जिले 27
राजधानी दिसपुर
उच्च न्यायलय गुवाहाटी उच्च न्यायालय
जनसँख्या में स्थान [भारत में ] 15th
क्षेत्रफल में स्थान [भारत में ] 17th
धर्म हिन्दू, मुस्लिम, क्रिश्चियन, बौद्ध, Others
नदियाँ ब्रह्मपुत्र, मानस, सुबनसिरी, सोनई
वन एवं राष्ट्रीय उद्यान काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, मानस राष्ट्रीय उद्यान, राजीव गांधी ओरंग राष्ट्रीय उद्यान
भाषाएँ असमिया, बोडो, कारबी, बंगाली
पड़ोसी राज्य मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, मिजोरम, पश्चिम बंगाल
राजकीय पशु एक सींग वाला गैंडा
राजकीय पक्षी वाइट विंगड़ वुड डक
राजकीय वृक्ष डिपटॅरोकार्प्स
राजकीय फूल रहयँचोंसट्यलिस रेटूसा
राजकीय नृत्य बिहू
राजकीय खेल होइ-गुडु
नेट राज्य घरेलू उत्पाद (2013-2014) 159,000 करोड़ रुपया
साक्षरता दर (2011) 73.38%
1000 पुरुषों पर महिलायें 889
सदन व्यवस्था एक सदनीय
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 126
विधान परिषद् सीटे NA
संसदीय निर्वाचन क्षेत्र 14
राज्य सभा सीटे 7

 

असम का नक्शा

गूगल मैप द्वारा निर्मित असम का नक्शा

 

असम से राज्यसभा सदस्यों की सूची

क्रम संख्या नाम पार्टी नियुक्ति तिथि कार्यकाल पूर्ण होने की तिथि
1 Ripun बोरा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 3-Apr-16 2-Apr-22
2 विश्वजीत दैमारी बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट 10-Apr-14 9-Apr-20
3 रानी नाराह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 3-Apr-16 2-Apr-22
4 भुवनेश्वर कलिता भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 10-Apr-14 9-Apr-20
5 Santiuse कुजूर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 15-Jun-13 14-Jun-19
6 डॉ मनमोहन सिंह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 15-Jun-13 14-Jun-19
7 संजय सिंह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 10-Apr-14 9-Apr-20

 

असम से लोकसभा सदस्यों की सूची

क्रम संख्या लोकसभा क्षेत्र नाम पार्टी
1 करीमगंज राधेश्याम बिस्वास ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट
2 सिलचर सुष्मिता देव भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
3 स्वायत्त जिला बीरेन सिंह एंगती भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
4 धुबरी बदरुद्दीन अजमल ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट
5 कोकराझार नब कुमार (हीरा) Sarania स्वतंत्र
6 बारपेटा सिराजुद्दीन अजमल ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट
7 गुवाहाटी Bijoya चक्रवर्ती भारतीय जनता पार्टी
8 मंगलदोई रेमन डेका भारतीय जनता पार्टी
9 तेजपुर राम प्रसाद सरमा भारतीय जनता पार्टी
10 नौगांव राजेन गोहैन भारतीय जनता पार्टी
11 कलियाबोर गौरव गोगोई भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
12 जोरहाट कामाख्या प्रसाद Tasa भारतीय जनता पार्टी
13 डिब्रूगढ़ रामेश्वर तेली भारतीय जनता पार्टी
14 लखीमपुर सर्वानंद सोनोवाल पीआरएडीएएन बरुआ (23 मई 2016 को इस्तीफा दे दिया) (22 निर्वाचित नवं, 2016) भारतीय जनता पार्टी

असम का इतिहास

प्राचीन भारतीय ग्रंथों में इस प्रदेश को प्रागज्योतिषपुर के नाम से जाना जाता था। पुराणों के अनुसार यह कामरूप राज्य की राजधानी था। महाभारत काल से लेकर सातवीं सदी के मध्य में भास्करवर्मन के शासनकाल तक यहाँ पर एक ही राजवंश का शासन रहा था। इस वंश का दावा है कि उसकी उत्पत्ति ‘असुर नरक’ से हुई थी। महाकाव्यों और पुराणों के अनुसार यह विष्णु के वराह अवतार और पृथ्वी का पुत्र था। इसलिए इस वंश को भौम (अर्थात भूमि का पुत्र) भी कहा जाता है। इस राजवंश के शिलालेखों में दावा किया गया है कि राजा भागदत्त और उसके उत्तराधिकारियों ने कामरूप में लगभग ३००० वर्षों तक शासन किया और उनके बाद पुष्यवर्मन राजा हुआ। पुष्यवर्मन समुद्रगुप्त का समकालीन था। नालंदा की मुद्रा में पुष्यवर्मन को प्रग्ज्योतिष का स्वामी कहा गया है।

असम भारत का एक सीमांत राज्य है संपूर्ण राज्य का क्षेत्रफल ७८,४६६ वर्ग कि॰मी॰ है।इस राज्य के उत्तर में अरुणाचल प्रदेश, पूर्व में नागालैंड तथा मणिपुर, दक्षिण में मिजोरम तथा मेघालय एवं पश्चिम में बंग्लादेश स्थित है।

History of Assam in Hindi

कुछ विद्वानों का मानना है कि ‘असम’ शब्द, संस्कृेत के ‘असोमा’ शब्द  से बना है, जिसका अर्थ है अनुपम अथवा अद्वितीय। आस्ट्रिक, मंगोलियन, द्रविड़ और आर्य जैसी विभिन्नय जातियां प्राचीन काल से इस प्रदेश की पहाड़ियों और घाटियों में समय-समय पर आकर बसीं और यहाँ की मिश्रित संस्कृयति में अपना योगदान दिया। इस तरह असम में संस्कृ्ति और सभ्य ता की समृ‍द्ध परंपरा रही है।

इन्ही स्रोतों से हमें पुष्यवर्मन के १२ परवर्ती शासकों का भी विवरण मिलता है। आठवे राजा महाभूतिवर्मन के अधीन कामरूप एक शक्तिशाली राज्य बन गया। उसके पोते चंद्रमुखवर्मन ने अश्वमेघ यज्ञ किया था। मध्यकाल में सन् १२२८ में बर्मा के एक चीनी विजेता चाउ लुंग सिउ का फा ने इसपर अधिकार कर लिया।

वह अहोम वंश का था जिसने अहोम वंश की सत्ता यहां कायम की। अहोम वंश का शासन १८२९ पर्यन्त तबतक बना रहा जब अंग्रेजों ने उन्हे हरा दिया। कहा जाता है कि अहोम राजाओं के कारण ही इसका नाम असम पड़ा। असम उत्तर पूर्वी भारत में एक राज्य है। असम अन्य उत्तर पूर्वी भारतीय राज्यों से घिरा हुआ है।

असम दर्शनीय स्थल

असम में वैसे तो बहुत से दर्शनीय स्थल है जो पर्यटन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है, इन गंतव्य स्थलों प्रतिवर्ष लाखो पर्टक आते है, हम यहाँ पर उन स्थलों के सिर्फ नाम दे रहे है जैसे, कामाख्या मंदिर, हाफलोंग, सिबसागर, माजुली द्वीप (ये एक जिला बना दिया गया है जो की चारो तरफ से पानी से घिरा हुआ है इसे अभी हाल ही में जिला घोसित किया गया है और ये भारत का प्रथम इस प्रकार का जिला है ), मानस राष्ट्रीय उद्यान, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, हाजो (हिंदू धर्म, इस्लाम और बौद्ध के मेल का स्थान कहा जाता है ) और अग्निगढ़ ,

असम का खाना

असम का भोजन, खाना या खानपान शेष भारत से थोड़ा अलग भी है और मिलता जुलता भी है, क्युकी वयंजनो के नाम और बनाने की विधि अलग है लेकिन इस्तेमाल किये जाने वाले पदार्थ सामान ही है, जैसे [१] खार नाम का भोज जो मांस का बना होता है और जिसमे तरल पदार्थ के रूप में पपीते का प्रयोग होता है [2] बतख मांस करी ये बतख के मांस का बना हुआ व्यंजन है [३] टेंगी मछली करी ये मछली से बना व्यंजन है [४] आलू पिटिका इसे असम के आरामदेह भोजन भी कहा जाता है ये शुद्ध शाकाहारी व्यंजन है [५] जाक अरु भाजी ये भी शाकाहारी व्यंजन है [६] ओउ खट्टा ये व्यंजन बहुत ही स्वादिस्ट बनता है और ये कुछ कुछ साम्भर जैसा होता है [७] पारो मेन्दोहो जो की कबूतर के मांस से बनता है और असम का एक पारंपरिक व्यंजन है [८] रेशम के कीड़ो से बना हुआ व्यंजन भी इनका प्रिय भोजन है [९] बाणगजीजोर लागोट कुकुरा ये मुख्य रूप से बांस शूट के साथ चिकन को मिलकर बनाया जाता है [१०] पिठा ये व्यंजन एक मीठा व्यंजन है जो की असम के हर घर में आपको मिलेगा।

आसाम की जातियाँ

असम में भी बहुत सी जाति और जनजाति रहती है, और इनके ऊपर चीन का अद्भुद प्रभाव पड़ा हुआ है, कुछ जातीय इस प्रकार से है प्रथम खासी है जो आदिकाल में उत्तर पूर्व से आए हुए निवासियों के अवशेष मात्र हैं। दूसरे समूह के अंतर्गत दिमासा (अथवा पहाड़ी कछारी), बोडो (या मैदानी कछारी), रामा, कारो, लालुंग तथा पूर्वी उपहिमालय में डफला, मिरी, अबोर, आपातानी तथा मिश्मी जातियां हैं। तीसरा समूह लुशाई, आका तथा कुकी जातियों का है, जो दक्षिण से आकर बसी हैं तथा मणिपुरी और नागा जातियों में मिल गई हैं। कछारी, रामा तथा बोड़ो हिमालय के ऊँचे घास के मैदानों में निवास करते हैं। कोच, जो मंगोल जाति के हैं, आसाम के निचले भागों में रहते हैं। गोवालपारा में ये राजवंशी के नाम से प्रसिद्ध हैं। सालोई कामरूप की प्रसिद्ध जाति है। नदियाल या डोम यहाँ की मछली मारने वाली जाति है। नवशाखा जाति के सदस्य तेली, ग्वाला, नापित (नाई), बरई, कुम्हार तथा कमार (लोहार) है। आधुनिक युग में यहाँ पर चाय के बाग में काम करनेवाले बंगाल, बिहार, उड़ीसा तथा अन्य प्रांतों से आए हुए आदिवासियों की संख्या प्रमुख हो गई है, इस प्रकार असम में कई प्रकार की जातीय है जिनके पाने नियम कायदे और कानून है और ये बात यहाँ की सरकार भी मानती है और हस्तक्षेप नहीं करती है।

असम की वेशभूषा

असम की महिलाये मोटिफ-युक्त मेखला चादर पहनती है जो की जो मुख्य रूप से दो भागो में बनता हुआ होता है, जिसमे मेखला कमर के नीचे पहना जाता है और चादर को कमर से ऊपरी भाग में पहना जाता है, पुरुषो का परिधान भी बहुत ही अनूठा है जिसमे धोती-गमोसा शामिल है, इसमें धोती को कमर के नीचे और गामोशा को कमर के ऊपर पहना जाता है, इन्ही वस्त्रो को अलंकृत करके त्योहारों और उत्सवों में पहना जाता है, सामान्य रूप से ये दैनिक जीवन में यही परिधान सादा कपड़ो के बने हुए प्रयुक्त किये जाते है

असम की भाषा

असम की सर्वमान्य भाषा है असमिया जिसे असमी भाषा भी कहते है, इस भाषा का उद्गम आर्य भाषा को माना जाता है, साथ ही असम की सीमाएं जिन राज्यों से मिली है उनकी भाषाओ से भी असमिया भाषा के गहरे सम्बन्ध है, यहाँ पर बोडो प्रमुख क्षेत्रीय और अधिकारी भाषा है, लेकिन सबसे ज्यादा प्रभावशाली भाषा असमिया ही है क्युकी असमिया भाषा को नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर में स्थानीकृत करके इस्तेमाल किया जाता रहा है।

Comments are closed.