अरुणाचल प्रदेश

अरुणाचल प्रदेश भारत के 29 राज्यो में एक है और यह उत्तर पूर्व की राज्य श्रंखला का अंग है , अरुणाचल प्रदेश के अक्षांस और देशांतर क्रमशः २७ डिग्री ६ मिनट उत्तर से ९३ डिग्री ३७ मिनट पूर्व तक है, अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर है और अरुणाचल प्रदेश के मुख्य मंत्री भारतीय जनता पार्टी के पेम खंडू है।

अरुणाचल प्रदेश के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य

राज्य अरुणाचल प्रदेश
राज्यपाल वी षण्मुगनाथन
मुख्यमंत्री पेमा खांडू (बीजेपी)
उप मुख्यमंत्री NA
आधिकारिक वेबसाइट http://www.arunachalpradesh.gov.in/
स्थापना का दिन 20 फ़रवरी 1987
क्षेत्रफल 83,743 वर्ग किमी
घनत्व 17 प्रति वर्ग किमी
जनसंख्या (2011) 1,383,727
पुरुषों की जनसंख्या (2011) 713,912
महिलाओं की जनसंख्या (2011) 669,815
शहरी जनसंख्या % में (2011) 57.00%
जिले 20
राजधानी ईटानगर
उच्च न्यायलय गुवाहाटी उच्च न्यायालय
जनसँख्या में स्थान [भारत में ] 27th
क्षेत्रफल में स्थान [भारत में ] 15th
धर्म हिन्दू, मुस्लिम, क्रिश्चियन, डोनी -पोलो, तिब्बतन बुद्धिज़्म, अन्य धर्म
नदियाँ सियांग और उसकी सहायक नदियां- तीरप, लोहित, सुबनसीरी, दिबांग, कामेंग, दिकरोंग, दिहिंग
वन एवं राष्ट्रीय उद्यान नमदाफा राष्ट्रीय उद्यान, मोंलिंग राष्ट्रीय उद्यान
भाषाएँ इंग्लिश, अरुणाचली हिंदी, अदि, मोनपा, ग्लो, न्यीशी, तंगष, सेनजी-ठोन्जी, तै खामती
पड़ोसी राज्य असम, नागालैंड
राजकीय पशु मिथुन
राजकीय पक्षी ग्रेट इंडियन हॉर्नबिल
राजकीय वृक्ष होलोंग
राजकीय फूल रेटुसा
राजकीय नृत्य बारदो छम
राजकीय खेल होल तासो दुकानाराम
नेट राज्य घरेलू उत्पाद (2013-2014) 14,000 करोड़ रुपया
साक्षरता दर (2011) 66.95%
1000 पुरुषों पर महिलायें 920
सदन व्यवस्था एक सदनीय
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 60
विधान परिषद् सीटे NA
संसदीय निर्वाचन क्षेत्र 2
राज्य सभा सीटे 1

अरुणाचल प्रदेश का नक्शा

गूगल मैप द्वारा निर्मित अरुणाचल प्रदेश का नक्शा

अरुणाचल प्रदेश के राज्य सभा में सदस्यो की सूची

क्रम संख्या नाम पार्टी नियुक्ति तिथि कार्यकाल पूर्ण होने की तिथि
1 मुकुट मीठी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 24-Jun-14 23-Jun-20

अरुणाचल प्रदेश से लोक सभा में सदस्यो की लिस्ट

क्रम संख्या लोकसभा क्षेत्र नाम पार्टी
1 अरुणाचल ईस्ट निनॉन्ग इरिंग भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
2 अरुणाचल पश्चिम किरण रिजिजू भारतीय जनता पार्टी

अरुणाचल प्रदेश इतिहास

अरुणाचल प्रदेश को पहले पूर्वात्तर सीमांत एजेंसी (नार्थ ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी- नेफा) के नाम से जाना जाता था। इस राज्य के पश्चिम, उत्तर और पूर्व में क्रमश: भूटान, तिब्बत, चीन और म्यांमार देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमाएं हैं।

अरुणाचल प्रदेश की सीमा नागालैंड और असम से भी मिलती है। इस राज्य में पहाड़ी और अर्द्ध-पहाड़ी क्षेत्र है। इसके पहाड़ों की ढलान असम राज्य के मैदानी भाग की ओर है। ‘कामेंग’, ‘सुबनसिरी’, ‘सिआंग’, ‘लोहित’ और ‘तिरप’ आदि नदियां इन्हें अलग-अलग घाटियों में विभाजित कर देती हैं। यहाँ का इतिहास लिखित रूप में उपलब्ध नहीं है।

मौखिक परंपरा के रूप में कुछ थोड़ा सा साहित्य और ऐतिहासिक खंडहर हैं जो इस पर्वतीय क्षेत्र में मिलते हैं। इन स्थानों की खुदाई और विश्लेषण के द्वारा पता चलता है कि ये ईस्वी सन प्रारंभ होने के समय के हैं। ऐतिहासिक प्रमाणों से पता चलता है कि यह जाना-पहचाना क्षेत्र ही नहीं था वरन जो लोग यहाँ रहते थे उनका देश के अन्य भागों से निकट का संबंध था।

अरुणाचल प्रदेश का आधुनिक इतिहास 24 फ़रवरी 1826 को ‘यंडाबू संधि’ होने के बाद असम में ब्रिटिश शासन लागू होने के बाद से प्राप्त होता हैं। सन 1962 से पहले इस राज्य को नार्थ-ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (नेफा) के नाम से जाना जाता था।

संवैधानिक रूप से यह असम का ही एक भाग था परंतु सामरिक महत्त्व के कारण 1965 तक यहाँ के प्रशासन की देखभाल विदेश मंत्रालय करता था। 1965 के पश्चात असम के राज्पाल के द्वारा यहाँ का प्रशासन गृह मंत्रालय के अन्तर्गत आ गया था।

सन 1972 में अरुणाचल प्रदेश को केंद्र शासित राज्य बनाया गया था और इसका नाम ‘अरुणाचल प्रदेश’ किया गया। इस सब के बाद 20 फ़रवरी 1987 को यह भारतीय संघ का 24वां राज्य बनाया गया।

अरुणाचल प्रदेश की वेशभूषा

अरुणाचल प्रदेश के निवासियों की वेशभूषा यदपि पहुत सामान्य है किन्तु फिर भी अरुणाचल प्रदेश का पहनावा एक लग संस्कृति को प्रदर्शित करती है, अरुणाचल प्रदेश एक पहाड़ी प्रदेश है यहाँ पर महिलाओ और पुरुषो का पहनावा और वेशभूषा अपने आप में विशिस्ट है, महिलाये अपनी सामान्य दिनचर्या में एक लुंगी जिसे वो पानी कमर में लपेट कर रहती है और एक झबला नुमा वस्त्र जो की कमर से ऊपरी भाग में पहना जाता है, आप तौर पर पुरुष वर्ग अब पेंट शर्त पहनते है किन्तु कुछ है जो अभी घुटनो से ऊपर तक घोटी और उसके ऊपरी भाग के लिए एक फ़टका धारण करते है।

उत्सवों के समय, इन वस्त्रो में कुछ अलंकार आ जाता है, और उनके साथ में कुछ पक्षीय पंखो के साथ ये अपने सर में एक मुकुटनुमा धारण करते है, और पुरुष वर्ग भी कुछ ऐसी ही वेशभूसा में रहते है, कमर के एक अतिरिक्त फाटक बांध कर अपने अधोवस्त्र का खिसकना रोक लेते है, ये वेशभूषा पहनकर इनका नृत्य इत्यादि का कार्यक्रम किया जाता है।

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